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ब्रह्ममुहूर्त ध्यान: पर्याप्त नींद के साथ सुबह की सजग शुरुआत

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Guruji Sri Yogi Anand seated in meditation outdoors

सुबह की शान्ति में कुछ समय स्वयं के साथ बैठना नियमित साधना की शुरुआत हो सकता है। ब्रह्ममुहूर्त ध्यान का अर्थ नींद कम करना या किसी विशेष अनुभव के पीछे भागना नहीं है। सहज श्वास, धैर्य और निरन्तरता अधिक उपयोगी आधार हैं।

ब्रह्ममुहूर्त क्या है?

परम्परा में ब्रह्ममुहूर्त सूर्योदय से पहले के समय से जुड़ा है। स्थानीय सूर्योदय ऋतु और स्थान के अनुसार बदलता है, इसलिए हर शहर में घड़ी का एक ही समय ब्रह्ममुहूर्त नहीं होगा। ऑनलाइन समूह अपनी सुविधा के अनुसार साझा समय चुन सकता है।

पर्याप्त नींद को प्राथमिकता दें

यदि सुबह जल्दी बैठना चाहते हैं, तो सोने की दिनचर्या पर भी ध्यान दें। थकान या कम नींद की स्थिति में स्वयं पर दबाव न डालें। अभ्यास का समय ऐसा चुनें जिसे दैनिक जीवन में सहज रूप से निभाया जा सके।

आरम्भिक साधक कैसे बैठें?

शान्त स्थान चुनें। कुर्सी या आसन पर आराम से बैठें; किसी कठिन मुद्रा की आवश्यकता नहीं। आँखें बन्द करना असहज लगे तो हल्की खुली रख सकते हैं। पहले कुछ मिनट शरीर और उसके सहारे को महसूस करें।

सहज श्वास और आनापानसति

श्वास को बलपूर्वक बदलने के बजाय उसके आने-जाने को जानें। विचार आएँ तो उन्हें असफलता न मानें। ध्यान भटकने का पता चलने पर धीरे से स्वाभाविक श्वास की ओर लौटें। किसी विशेष अवस्था या अनुभव को प्राप्त करना इस आरम्भिक अभ्यास की शर्त नहीं है।

सजगता को दिनचर्या से जोड़ें

बैठकर अभ्यास के बाद चलते, खाते या किसी की बात सुनते समय कुछ क्षण सजग रहें। मैत्री के अभ्यास में स्वयं और दूसरों के प्रति सद्भाव का संकल्प रख सकते हैं। अपने अनुभव की तुलना दूसरे साधकों से करने की आवश्यकता नहीं।

कब विराम लेना चाहिए?

यदि अभ्यास असुविधाजनक हो, तो रुकें, आँखें खोलें और आसपास के वातावरण पर ध्यान दें। यह शैक्षणिक ध्यान-अभ्यास चिकित्सा या मनोचिकित्सा का विकल्प नहीं है। किसी चल रहे उपचार को ध्यान के कारण न रोकें; जरूरत होने पर उपयुक्त विशेषज्ञ से सलाह लें।

हिन्दी में लाइव ध्यान से जुड़ें

अद्वैत फाउंडेशन ट्रस्ट श्री योगी आनन्द के मार्गदर्शन में अद्वैत ब्रह्ममुहूर्त ध्यान अभियान की तैयारी कर रहा है। समय सोमवार–शनिवार, सुबह 5:00–5:45 AM IST है; नेपाल में 5:15–6:00 AM NPT। निःशुल्क परिचय 17–19 नवम्बर 2026 को होगा। नियमित शुभारम्भ 24 नवम्बर 2026 (कार्तिक पूर्णिमा) को निश्चित है। परिचय शिविर की तिथियाँ निश्चित हैं; समय: सोमवार–शनिवार, 5:00–5:45 AM IST; नेपाल 5:15–6:00 AM NPT।

कार्यक्रम का परिचय, अभ्यास-क्रम और निःशुल्क सहभागिता में रुचि पंजीकरण अभियान पृष्ठ पर देखें। अभी कोई भुगतान नहीं लिया जा रहा है। ₹555 मासिक सहभागिता तथा अतिरिक्त ₹444 स्वैच्छिक सहयोग का प्रस्ताव है; दोनों विकल्पों में शिक्षा समान रहेगी।

श्री योगी आनन्द की शिक्षण पृष्ठभूमि · सम्पर्क करें

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Adwait Yoga

We are Adwait Yoga School, an Authentic Yoga School of India belonging to the lineages of Traditional and Ancient Yoga. Adwait Yoga School is affiliated with Yoga Alliance USA and World Yoga Alliance. This school is run by a charitable trust - Adwait Foundation® registered with Government of India.

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